घाटशिला: झारखंड के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर और सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के बीच शनिवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्योग–शिक्षा सहयोग और कौशल विकास को नई दिशा देना है।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप हुए इस समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से शोध परियोजनाएं, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी), राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, छात्र-शिक्षक विनिमय, समर इंटर्नशिप, औद्योगिक भ्रमण, प्लेसमेंट गतिविधियां और उद्योग आधारित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करेंगे। साथ ही नवाचार, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) और उभरती तकनीकों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह एमओयू प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे दोनों संस्थानों की सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इस सहयोग से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन तथा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने इसे संस्थान की शैक्षणिक यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताया, जबकि कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि यह समझौता झारखंड के उच्च शिक्षा क्षेत्र में नए युग की शुरुआत करेगा। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सुत्रधार सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ पदाधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे। दोनों संस्थानों ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में दीर्घकालिक परिणाम देगी।

