पलामू: पलामू रेंज के DIG किशोर कौशल ने हथियार बरामदगी और फायरिंग से जुड़े मामलों की जांच में लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू की है। मामलों की समीक्षा के दौरान जांच में गंभीर कमियां मिलने पर एक DSP और चार सब-इंस्पेक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है।


DIG ने मेदिनीनगर टाउन, मेदिनीनगर सदर और चैनपुर थाना क्षेत्रों में दर्ज आर्म्स एक्ट और फायरिंग से जुड़े 11 मामलों की समीक्षा की। इनमें टाउन थाना क्षेत्र के पांच, सदर थाना क्षेत्र के तीन और चैनपुर थाना क्षेत्र के तीन मामले शामिल थे। इनमें से कई मामले कथित तौर पर सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े बताए गए हैं।
कई मामलों में आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर
समीक्षा के दौरान सामने आया कि कुछ मामलों में घटना के बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सके। वहीं कई मामलों में अनुसंधान की गति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। कुछ मामलों में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद अन्य संदिग्धों के खिलाफ आगे की कार्रवाई नहीं की गई थी। DIG ने इसे जांच प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही माना।
चार सब-इंस्पेक्टर से मांगा गया जवाब
जांच में लापरवाही को लेकर पूर्व में सदर थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर कौलेश्वर प्रसाद से जवाब मांगा गया है। इसके अलावा मेदिनीनगर टाउन थाना में पदस्थापित और वर्तमान में हैदरनगर थाना प्रभारी तंजीलुल मन्नान, टाउन थाना में पदस्थापित रहे और वर्तमान में किशनपुर OP प्रभारी चंद्रशेखर यादव तथा टाउन थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर सुबोध कुमार से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जेल से बाहर आए अपराधियों की निगरानी पर भी सवाल
समीक्षा में यह भी सामने आया कि जेल से बाहर आने वाले अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी नहीं रखी जा रही थी। गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल आरोपियों के खिलाफ CCA लगाने के प्रस्ताव भी समय पर नहीं भेजे जा रहे थे। इसके अलावा कई मामलों की रिपोर्ट DSP स्तर पर महीनों से लंबित पाई गई।
DIG किशोर कौशल ने कहा कि आर्म्स एक्ट और फायरिंग से जुड़े मामलों के अनुसंधान में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने SDPO को लंबित रिपोर्टों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया है।

