रांची: झारखंड की राजधानी रांची में आदिवासी समुदाय को ‘वनवासी’ कहे जाने के विरोध में विभिन्न सामाजिक और आदिवासी संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नाराजगी जताते हुए उनका पुतला दहन किया और बयान वापस लेने की मांग की।


प्रदर्शन कर रहे संगठनों का कहना था कि आदिवासी समुदाय की अपनी अलग पहचान, संस्कृति और परंपरा है, ऐसे में उन्हें ‘वनवासी’ कहना उचित नहीं है। उन्होंने इस शब्द के प्रयोग को आदिवासी अस्मिता के खिलाफ बताते हुए सरकार से संवेदनशीलता बरतने की अपील की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा।
रांची में हुए इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि आदिवासी समाज को भारतीय संविधान में ‘अनुसूचित जनजाति’ (Scheduled Tribes) के रूप में मान्यता प्राप्त है और उनकी पहचान को बदलने की कोई भी कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आदिवासी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को देश की विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
हालांकि, यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

