रांची: राजधानी रांची की प्रमुख सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर अब डिजिटल निगरानी के जरिए कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक विभाग ने स्पीड वायलेशन डिटेक्टर कैमरों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। ये कैमरे निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज चलने वाले वाहनों की पहचान कर स्वतः ई-चालान जारी करेंगे।


नई व्यवस्था के तहत कैमरा वाहन की गति रिकॉर्ड करने के साथ उसकी नंबर प्लेट की तस्वीर भी कैप्चर करेगा। इसके बाद वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ई-चालान का संदेश भेजा जाएगा। पहली बार ओवरस्पीडिंग में पकड़े जाने पर ₹1,000 जुर्माना निर्धारित किया गया है।
प्रमुख मार्गों पर 40 से 60 किमी प्रति घंटे की सीमा
शहर से जुड़ने वाली प्रमुख सड़कों और आउटर रिंग रोड पर कैमरों की विशेष तैनाती की गई है। खरसिदाग-रांची-टाटा मार्ग, रामपुर रिंग रोड से सिटी रोड और तिलता रिंग रोड से सिटी रोड तक डिजिटल निगरानी की जा रही है। इन प्रमुख मार्गों पर वाहनों के लिए 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा निर्धारित की गई है।
इसके अलावा पिस्का मोड़ से रवि स्टील चौक, पंडरा मार्ग और हिनू एयरपोर्ट रोड समेत शहर के कई व्यस्त इलाकों में भी स्पीड मॉनिटरिंग की जा रही है। धुर्वा शहीद मैदान, सैटेलाइट कॉलोनी से डिबडीह ब्रिज, रांची कॉलेज प्ले ग्राउंड से स्टेट गेस्ट हाउस और मेसरा रेलवे ओवरब्रिज से DPS ग्रेटर रांची मार्ग भी कैमरा निगरानी में शामिल हैं।
तीन से अधिक लंबित चालान पर वाहन जब्त करने की तैयारी
ट्रैफिक पुलिस अब बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर भी सख्ती की तैयारी में है। पुलिस के अनुसार, यदि किसी वाहन पर तीन से अधिक चालान लंबित हैं और उनका समय पर भुगतान नहीं किया जाता है, तो वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
ट्रैफिक विभाग का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि तेज रफ्तार के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और आम लोगों की यात्रा को सुरक्षित करना है।

