जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना की चांडिल लेफ्ट मेन कैनाल की जर्जर स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जल संसाधन विभाग के सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार उद्योगों से हर वर्ष करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त करने के बावजूद किसानों को बुनियादी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में विफल रही है।


सरयू राय ने बताया कि लगभग 128 किलोमीटर लंबी इस मुख्य नहर का निर्माण करीब तीन दशक पहले हुआ था। इसके बाद न तो नहर की समुचित मरम्मत की गई और न ही वितरण प्रणाली का रखरखाव किया गया। इसका सीधा असर सिंचाई व्यवस्था पर पड़ा है और हजारों किसान इससे प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नहर के अधिकांश हिस्सों में झाड़ियां उग आई हैं, बड़ी मात्रा में गाद जमा हो गई है तथा कई स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। समय रहते मरम्मत और सफाई नहीं होने पर खरीफ फसलों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
सरयू राय ने आरोप लगाया कि स्वर्णरेखा परियोजना का पानी उद्योगों को उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे सरकार को भारी राजस्व प्राप्त होता है। उनका दावा है कि केवल टाटा स्टील से ही सरकार को प्रतिवर्ष 700 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलता है, लेकिन इस राशि का उपयोग सिंचाई व्यवस्था सुधारने में नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने इस वर्ष सामान्य से कमजोर मानसून की संभावना जताई है। ऐसे में किसानों की निर्भरता नहरों पर और बढ़ जाएगी। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 में चांडिल लेफ्ट मेन कैनाल एवं उसकी वितरण प्रणाली की मरम्मत के लिए विशेष बजट का प्रावधान करने की मांग की है, ताकि खरीफ और रबी दोनों मौसम में किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके।

