सरायकेला–खरसावाँ जिला के स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरायकेला टाउन हॉल में जिला स्तरीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया.


कार्यक्रम का स्वागत संबोधन अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला अभिनव प्रकाश द्वारा किया गया, जिसमें जिले की स्थापना से अब तक की विकास यात्रा, विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों एवं आगामी लक्ष्यों पर प्रकाश डाला गया.
इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विविध गतिविधियों के माध्यम से उपस्थित जनों को जागरूकता एवं प्रेरणादायी संदेश प्रदान किए गए. कार्यक्रम में प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया गया. कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधन में जिले के सर्वांगीण विकास हेतु सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया. उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाते हुए आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया. पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत ने अपने संबोधन में सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें तथा बेहतर नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में भाग लें. उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है जब क्षेत्र में शांति एवं विधि-व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विगत वर्ष जारी राष्ट्रीय पुलिस रैंकिंग में जिले के चौका थाना को झारखंड में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जो जिले के लिए गौरव का विषय है. उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने कहा कि जिला गठन के 25 वर्षों में प्राप्त उपलब्धियों का सम्यक मूल्यांकन एवं मंथन आवश्यक है, जिससे भविष्य की दिशा निर्धारित की जा सके. उन्होंने सामाजिक कुरीतियों, विशेषकर डायन प्रथा के उन्मूलन हेतु किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिशा में जागरूकता एवं सामूहिक प्रयासों को और सशक्त करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी कुरीतियों का पूर्णतः उन्मूलन सुनिश्चित किया जा सके. उन्होंने कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं के सशक्तिकरण, रोजगार के अवसरों में वृद्धि तथा कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सतत प्रयास आवश्यक हैं. साथ ही नई पीढ़ी को समाज, राज्य एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया.

