आदित्यपुर नगर निगम सभागार में आयोजित बोर्ड की बैठक में पेयजल आपूर्ति की खराब व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा हुआ। वार्ड संख्या-7 के पार्षद Dhananjay Gupta ने क्षेत्र में व्याप्त जल संकट को गंभीर मुद्दा बताते हुए जिंदल कंपनी के खिलाफ खुलकर विरोध दर्ज कराया।


बैठक के दौरान पार्षद ने नगर निगम के अपर नगर आयुक्त Ravi Prakash को एक मांग पत्र सौंपा। पत्र में जिंदल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर Piyush Sinha की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की गई।
मीडिया से बातचीत में पार्षद ने कहा कि सरकार ने बेहतर पेयजल सुविधा देने के उद्देश्य से यह जिम्मेदारी PHED से हटाकर निजी एजेंसी जिंदल कंपनी को सौंपी थी, लेकिन कंपनी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि चार वर्षों से जल टंकी निर्माण और आपूर्ति व्यवस्था बेहद धीमी गति से चल रही है।
पार्षद ने बताया कि जिंदल कंपनी को हर साल लगभग दो करोड़ रुपये रखरखाव के लिए दिए जाते हैं, बावजूद इसके क्षेत्र में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला है। अधिकारियों से जवाब मांगने पर भी संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलती।
उन्होंने वर्ष 2017 में बेसिक स्कूल के पास बनी पानी टंकी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए और कहा कि उसकी स्थिति चिंताजनक है। टंकी कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है, इसलिए इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
पार्षद धनंजय गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि जब तक वर्तमान प्रोजेक्ट मैनेजर को नहीं हटाया जाएगा, तब तक आदित्यपुर की पेयजल व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। बैठक में उठे इस मुद्दे के बाद नगर निगम क्षेत्र में जल संकट को लेकर बहस तेज हो गई है।

