पश्चिम बंगाल में अवैध विदेशी नागरिकों के लिए होल्डिंग सेंटर की व्यवस्था शुरू, डिटेक्शन और डिपोर्टेशन प्रक्रिया तेज

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कोलकाता में पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान, जांच और उनके निर्वासन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए जिलों में होल्डिंग सेंटर स्थापित करने की व्यवस्था शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, इन केंद्रों में ऐसे व्यक्तियों को अस्थायी रूप से रखा जाएगा जिनकी नागरिकता संदिग्ध है या जो जेल से रिहा होकर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन केंद्रों में भोजन, आवास और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

गृह विभाग के निर्देशों के तहत यह व्यवस्था सभी जिलों में लागू की जा रही है। कई स्थानों पर पहले ही इन केंद्रों का संचालन शुरू हो चुका है, जहां संदिग्ध व्यक्तियों को जांच पूरी होने तक रखा जा रहा है। इस दौरान उनके दस्तावेजों की जांच कर सत्यापन के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

सरकार का कहना है कि यह कदम अवैध प्रवासियों की पहचान (detect), वोटर सूची और रिकॉर्ड से नाम हटाने (delete) तथा अंतिम रूप से देश से बाहर भेजने (deport) की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है। वहीं, इस नीति को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है और विपक्ष ने इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाए हैं।