रांची: झारखंड सरकार ने माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में साहस और उत्कृष्ट सेवा का प्रदर्शन करने वाले 14 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के नाम राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस वीरता पदक के लिए केंद्र सरकार को भेजे हैं। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इन नामों की अनुशंसा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी है।


राज्य सरकार की अनुशंसा पर अब केंद्रीय गृह मंत्रालय अंतिम निर्णय लेगा। मंत्रालय स्तर पर सभी प्रस्तावों की समीक्षा के बाद यह तय किया जाएगा कि किन अधिकारियों और जवानों को राष्ट्रपति पुलिस पदक तथा पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
इन पुलिसकर्मियों का चयन बोकारो, चतरा और गुमला जिलों में माओवादियों के खिलाफ चलाए गए चार महत्वपूर्ण अभियानों में उनके साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा के आधार पर किया गया है। अभियानों के दौरान जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में निभाई गई उनकी भूमिका को देखते हुए उनके नाम पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।
अनुशंसित सूची में एक आईपीएस अधिकारी, डिप्टी कमांडेंट, डीएसपी, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल हैं। सभी ने नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अब पुलिस अधिकारियों और जवानों की निगाहें केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

