जमशेदपुर: सोना देवी विश्वविद्यालय के स्थापना के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार (30 मई) को विश्वविद्यालय के विवेकानन्द ऑडिटोरियम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुई, जिसमें छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।


इस अवसर पर कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि तीन वर्षों की यह यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंची है, लेकिन अभी मंजिल दूर है। उन्होंने बताया कि आने वाले पांच वर्षों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द ही विश्वविद्यालय में प्रशासनिक भवन, छात्रावास और खेल मैदान का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही एनसीटीई की मान्यता मिलने की संभावना है और पैरामेडिकल कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष शुरू किया गया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कंप्यूटिंग कोर्स भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने टीम वर्क के महत्व पर जोर देते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलकर कार्य करने की सलाह दी। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता केवल अंक या डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने क्षेत्र में श्रेष्ठ योगदान देना ही वास्तविक सफलता है।
सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने विश्वविद्यालय के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्थान का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है।
वहीं कुलसचिव डॉ. नित नयना ने बताया कि विश्वविद्यालय में अब तक 13 स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इंटेल सहित कई संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं। एनआईटी समेत चार अन्य संस्थानों के साथ समझौते की प्रक्रिया जारी है।
कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुआ ने कहा कि किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की पहचान उसके शोध कार्यों से होती है। उन्होंने बताया कि जल्द ही बीएड, डीएलएड और एलएलएम की पढ़ाई शुरू की जाएगी तथा क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
कार्यक्रम का समापन संगीत विभाग की अध्यक्ष डॉ. संगीता चौधरी द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

