सरायकेला: चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत बिरराजपुर रेलवे स्टेशन परिसर में चल रहे विकास कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य में लगी एजेंसी करण एंटरप्राइजेज के कर्मचारियों द्वारा लोहे की गैस कटिंग के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपयोग का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेशन परिसर में निर्माण कार्य के दौरान खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग कर लोहे की गैस कटिंग की जा रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का व्यावसायिक या औद्योगिक कार्यों में इस्तेमाल नियमों के विरुद्ध है और इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिरराजपुर रेलवे स्टेशन के समीप इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के बॉटलिंग प्लांट स्थित हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए गैस कटिंग किए जाने से संभावित दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से शिकायत कर पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वहीं, अब लोगों की निगाहें रेलवे प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाली एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
यह मामला रेलवे परिसरों में सुरक्षा मानकों के पालन और संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

