जामताड़ा जिले में लंबे समय से ठप पड़े मनरेगा कार्यों को अब नई गति मिलने की उम्मीद जगी है। नारायणपुर प्रखंड में मनरेगा कर्मियों की 103 दिनों से जारी हड़ताल समाप्त होने के बाद सोमवार को सभी कर्मी पुनः अपने कार्यस्थल पर लौट आए। कर्मियों ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए औपचारिक रूप से योगदान दिया और अपनी जिम्मेदारियां संभाल लीं।


हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कई रोजगारपरक एवं विकास योजनाओं की प्रगति प्रभावित हुई थी। पंचायत स्तर पर मनरेगा के तहत चल रही अनेक योजनाएं लंबित हो गई थीं, जिससे ग्रामीणों को रोजगार मिलने में भी कठिनाई हो रही थी। अब कर्मियों की वापसी के साथ इन योजनाओं के संचालन में तेजी आने की संभावना है।
प्रखंड प्रशासन के अनुसार मनरेगा कर्मियों के कार्य पर लौटने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की प्रक्रिया फिर से सुचारू होगी। साथ ही गांवों में चल रही विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन भी नियमित रूप से किया जा सकेगा।
मनरेगा कर्मियों ने भी ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि लंबित योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर राधेश्याम पंडित, मो. सुल्तान, अनिल चौधरी, सुमंतो दास, मो. मजर, मो. इदरीस, मेघलाल रजक एवं विष्णु सोरेन सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

