रांची: झारखंड सरकार राज्य के सरकारी अस्पतालों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। इसके तहत राज्य के 30 डॉक्टरों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम पर लगभग 29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य राज्य में क्रिटिकल केयर सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और मरीजों के लिए उपयोगी बनाना है।


स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर, धनबाद, पलामू, दुमका और हजारीबाग मेडिकल कॉलेजों के 30 डॉक्टर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे। प्रशिक्षण का आयोजन रिम्स (RIMS), रांची में किया जाएगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सक गंभीर मरीजों के उपचार से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और प्रक्रियाओं की जानकारी देंगे।
प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टरों को हार्ट अटैक, वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों की देखभाल, सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों के उपचार, आपातकालीन प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण क्रिटिकल केयर प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे अस्पतालों में गंभीर मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टर अपने-अपने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अन्य चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को भी प्रशिक्षित करेंगे। इससे पूरे राज्य में क्रिटिकल केयर सेवाओं का स्तर मजबूत होगा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला बैच 13 से 17 जुलाई तथा दूसरा बैच 20 से 24 जुलाई तक प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। कार्यक्रम की जिम्मेदारी रिम्स के क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार भट्टाचार्य को सौंपी गई है। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से राज्य के सरकारी अस्पतालों में गंभीर मरीजों के इलाज की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

