महुआडांड़ (लातेहार): महुआडांड़ में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय भवन के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की ईंटों के उपयोग का आरोप लगाते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


शिकायत मिलने पर जिला परिषद सदस्य एस्टेला नागेसिया और प्रखंड प्रमुख कंचन कुजूर ने निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नींव में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता की जांच की। उनका आरोप है कि कई ईंटें हाथ से दबाव डालने पर ही टूटकर चूरा बन गईं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
जिला परिषद सदस्य एस्टेला नागेसिया ने कहा कि करोड़ों रुपये की योजना में इस तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग बेटियों के भविष्य और उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रखंड प्रमुख कंचन कुजूर ने भी निर्माण कार्य पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने उपायुक्त लातेहार से जांच टीम गठित कर निर्माण सामग्री के नमूनों की लैब जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की।
निर्माण स्थल पर कार्यरत कुछ मजदूरों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर दावा किया कि अच्छी गुणवत्ता की ईंटों के बजाय तीसरे दर्जे की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है।
गौरतलब है कि इस भवन का निर्माण झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची की ओर से कराया जा रहा है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक निर्माण एजेंसी या संबंधित विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
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