बोकारो: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बोकारो दौरे के दौरान झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने JPSC-CGL परीक्षा रद्द करने और मामले की जांच में हुई देरी को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।


25 दिन के आंदोलन के बाद परीक्षा रद्द करने पर सवाल
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि छात्र करीब 25 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। छात्र अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य रख रहे थे और भूख हड़ताल भी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी के बाद सरकार ने जल्दबाजी में JPSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि परीक्षा रद्द करने का निर्णय पहले ही लिया जाना चाहिए था।
CBI जांच की मांग का समर्थन
केंद्रीय मंत्री ने JPSC-CGL मामले में छात्रों की ओर से की जा रही CBI जांच की मांग का समर्थन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार CBI जांच से क्यों बच रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
MMDR बिल को लेकर भी सरकार पर हमला
अन्नपूर्णा देवी ने MMDR बिल को लेकर भी राज्य सरकार पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर दी है और राज्य को पहले की तरह 90 प्रतिशत रॉयल्टी मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में अनियमितताओं को रोकने के लिए बदलाव जरूरी हैं।
बच्चों को AI और डिजिटल तकनीक पर ध्यान देने की सलाह
बोकारो में एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों को AI और डिजिटल तकनीक पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तकनीक की भूमिका और बढ़ेगी।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और JPSC-CGL मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है।

