जमशेदपुर में पुलिस की सख्ती के बीच अवैध कारोबार की शिकायतें, अपराध नियंत्रण के दावों पर उठे सवाल

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जमशेदपुर: शहर में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस लगातार गश्त, रूट मार्च और निगरानी बढ़ाने की बात कह रही है। एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के निर्देश पर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता भी दिखाई दे रही है। हालांकि, दूसरी ओर साकची, सोनारी, सिदगोड़ा समेत कई इलाकों में कथित अवैध कारोबार के फिर से सक्रिय होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे पुलिस की कार्रवाई और अपराध नियंत्रण के प्रयासों के प्रभाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

एक तरफ पुलिस रूट मार्च के जरिए असामाजिक तत्वों को कानून का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आने से कार्रवाई की प्रभावशीलता पर चर्चा हो रही है। सवाल यह है कि संबंधित थाना क्षेत्रों में नियमित निगरानी कितनी प्रभावी है और शिकायतों के बावजूद ऐसी गतिविधियां दोबारा कैसे शुरू हो जाती हैं।

शहरवासियों के बीच यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या अपराधियों और कथित अवैध कारोबार में शामिल लोगों के मन में पुलिस कार्रवाई का डर कम हो रहा है? हालांकि, इसका आकलन केवल रूट मार्च या पुलिस की मौजूदगी से नहीं, बल्कि शिकायतों की जांच और ठोस कार्रवाई के परिणामों से ही किया जा सकता है।

ऐसे में पुलिस प्रशासन के सामने चुनौती केवल सड़कों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की नहीं, बल्कि उन इलाकों में प्रभावी कार्रवाई करने की भी है, जहां से अवैध कारोबार संचालित होने की शिकायतें मिल रही हैं। संबंधित थाना प्रभारियों की जवाबदेही और नियमित निगरानी भी महत्वपूर्ण है। अब शहरवासियों की नजर इस बात पर है कि पुलिस की सख्ती का असर जमीन पर कितना दिखाई देता है।