एयर इंडिया को छात्रा को लौटाने होंगे ₹74,131, अतिरिक्त बैगेज शुल्क विवाद में राज्य आयोग का बड़ा फैसला

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जयपुर: यूनाइटेड किंगडम में पढ़ाई कर रही छात्रा लावण्या मगन को एयर इंडिया की “महाराजा स्कॉलर स्कीम” के तहत अतिरिक्त सामान ले जाने की सुविधा मिलनी चाहिए थी, लेकिन जुलाई 2021 में लंदन से भारत लौटते समय एयरलाइन ने उन्हें इस लाभ से वंचित कर दिया और 350 ब्रिटिश पाउंड (करीब ₹34,131) अतिरिक्त बैगेज शुल्क के रूप में वसूल लिए।

लावण्या ने इस अतिरिक्त शुल्क का विरोध करते हुए एयर इंडिया से रिफंड की मांग की, लेकिन एयरलाइन ने योजना की शर्तों का हवाला देते हुए राशि लौटाने से इनकार कर दिया। छात्रा का कहना था कि वह विशेष शैक्षणिक व्यवस्था के तहत चार वर्षीय पाठ्यक्रम को तीन वर्षों में पूरा कर स्थायी रूप से भारत लौट रही थीं।

कई दौर की बातचीत के बाद एयर इंडिया ने स्वीकार किया कि लावण्या स्कॉलर स्कीम के लाभ की पात्र थीं और उनसे अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए था। सितंबर 2021 में एयरलाइन ने रिफंड प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज भी मांगे, लेकिन इसके बावजूद राशि वापस नहीं की गई।

रिफंड नहीं मिलने पर लावण्या ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। फरवरी 2024 में जिला उपभोक्ता आयोग ने एयर इंडिया को ₹34,131 की मूल राशि लौटाने के साथ मानसिक पीड़ा के लिए ₹4,000 और मुकदमेबाजी खर्च के लिए ₹3,000 देने का आदेश दिया। हालांकि, छात्रा ने मुआवजे की राशि को अपर्याप्त बताते हुए राज्य आयोग में अपील दायर की।

29 मई 2026 को राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग ने माना कि अपनी गलती स्वीकार करने के बावजूद एयर इंडिया ने रिफंड नहीं दिया, जिससे छात्रा को वर्षों तक मानसिक तनाव और कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा। आयोग ने मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा बढ़ाकर ₹30,000 और कानूनी खर्च ₹10,000 कर दिया, जबकि ₹34,131 की रिफंड राशि के आदेश को बरकरार रखा।

अब एयर इंडिया को छात्रा को कुल ₹74,131 का भुगतान करना होगा। यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।