नई दिल्ली: करीब दो वर्षों के अंतराल के बाद विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक में गठबंधन को फिर से सक्रिय और मजबूत बनाने के साथ-साथ आपसी समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि अब गठबंधन की नियमित बैठक हर दो महीने में आयोजित की जाएगी। साथ ही संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में विपक्षी दलों के सांसद प्रतिदिन बैठक करेंगे।


बैठक में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने पर सहमति बनी। इसके अलावा निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने का भी निर्णय लिया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी विपक्षी दलों के प्रमुख एजेंडों में शामिल रही।
करीब दो वर्ष पहले 5 जून 2024 को हुई बैठक में 25 क्षेत्रीय दल शामिल हुए थे, जबकि इस बार यह संख्या घटकर 23 रह गई। उस समय पांच गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बैठक में मौजूद थे, जबकि इस बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एकमात्र गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री के रूप में शामिल हुए।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान विपक्षी सांसद प्रतिदिन राहुल गांधी के साथ बैठक करेंगे। राजनीतिक विश्लेषक इसे संयुक्त विपक्ष के बीच राहुल गांधी की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत मान रहे हैं।
बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात भी चर्चा का विषय रही। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में क्षेत्रीय दल विपक्षी एकजुटता की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस कर रहे हैं।
हालांकि, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से प्रभावी प्रतिनिधित्व का अभाव चिंता का विषय बना रहा। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, उमर अब्दुल्ला, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, उद्धव ठाकरे, शरद पवार सहित कई सहयोगी दलों के नेता शामिल हुए।
वहीं, तमिलनाडु की DMK का इस बैठक में प्रतिनिधित्व नहीं रहा। अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय भी गठबंधन का हिस्सा नहीं बने। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण भारत में सहयोगी दलों की सीमित मौजूदगी INDIA गठबंधन के लिए चुनौती बन सकती है।

