मेहनत और दूरदृष्टि से बदली जिंदगी, आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं अंजू कुमारी

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लातेहार: महुआड़ाड़ प्रखंड के चैनपुर पंचायत अंतर्गत सेमरबुड़नी गांव की रहने वाली अंजू कुमारी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवन बिताने वाली अंजू ने अपनी मेहनत, दूरदृष्टि और आत्मनिर्भर सोच के बल पर सफलता की नई कहानी लिखी है। उनकी इस यात्रा में लीड्स संस्था का सहयोग महत्वपूर्ण रहा, जिसने उन्हें योजनाओं से जोड़कर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया।

पति आनंद प्रकाश बड़ाईक, ससुर और दो बेटियों के साथ साधारण जीवन जी रही अंजू हमेशा अपने परिवार के बेहतर भविष्य का सपना देखती थीं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। इसी दौरान लीड्स संस्था के सहयोग से उनका पंजीकरण मनरेगा महिला मेट के रूप में कराया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने योजनाओं की जानकारी हासिल की और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया।

अंजू ने अपने नाम से एक एकड़ भूमि में आम बागवानी योजना शुरू की। साथ ही महिला मेट के रूप में कार्य करते हुए अपनी जिम्मेदारी और मेहनत से लगभग 50 हजार रुपये का भुगतान प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग उन्होंने सामान्य खर्चों में करने के बजाय मकई के दाने निकालने वाली मशीन खरीदने में किया।

इसके बाद मकई के मौसम में अंजू गांव-गांव जाकर किसानों की मकई से दाने निकालने का कार्य करने लगीं। उनकी मेहनत रंग लाई और केवल दो महीनों में उन्हें करीब 20 हजार रुपये का लाभ हुआ। वहीं आम बागान से भी लगभग 15 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित हुई।

आज अंजू न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल भी बन चुकी हैं। उनका सबसे बड़ा सपना अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाना है। उनकी बड़ी बेटी पहली कक्षा में पढ़ाई कर रही है और अंजू चाहती हैं कि उनकी बेटियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।

इस संबंध में लीड्स संस्था के राज्य परियोजना समन्वयक रंजीत भेंगरा ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना संस्था की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अंजू कुमारी जैसी महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा हैं, जिन्होंने अवसर का सही उपयोग कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है।