पाकुड़: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी शुक्रवार को अमड़ापाड़ा स्थित पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे। उन्होंने कई विस्थापित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान जमीन, रोजगार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।


बाबूलाल मरांडी ने चिलगो, विशुनपुर, काठालडीह, तालझारी और सिंहदेहरी गांवों का दौरा किया। ग्रामीणों ने विस्थापन के बाद मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पुनर्वास के बावजूद कई बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। इनमें जमीन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।
ग्रामीणों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी जमीन और रोजगार की व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि वर्तमान पीढ़ी के लिए कुछ व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य को लेकर स्पष्ट योजना नहीं है।
मरांडी ने कहा कि विस्थापन और पुनर्वास की योजना केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि अगले 50 से 100 वर्षों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों को अपने अधिकार मिलने चाहिए और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार समेत जरूरी सुविधाओं से समझौता नहीं होना चाहिए।
मरांडी ने ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर उपायुक्त से बातचीत करने और जरूरत पड़ने पर सरकार के स्तर पर भी मामला उठाने का भरोसा दिया।

