जमशेदपुर में मनोविज्ञान विभाग की वरिष्ठ शिक्षिका डॉ. चन्द्र प्रभा पाठक का 28 मई की प्रातः निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से शैक्षणिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।


डॉ. पाठक ने वर्ष 1978 से 2015 तक जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज में अपनी सेवाएं दीं। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने न केवल शिक्षण कार्य में उत्कृष्ट योगदान दिया, बल्कि कॉलेज की विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। अपने सरल स्वभाव, समर्पण और कर्मठता के कारण वे विद्यार्थियों और सहकर्मियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय थीं।
उनके निधन को विश्वविद्यालय के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनकी स्मृति में बिष्टुपुर कैंपस में एक शोकसभा का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार ने भी गहरा शोक व्यक्त किया और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि डॉ. पाठक का जीवन शिक्षा और समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल रहा है।

