कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर वाम दल सीपीएम (CPM) ने सक्रियता बढ़ा दी है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मजबूत माने जाने वाले क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पार्टी संगठन स्तर पर लगातार बैठकों और जनसंपर्क अभियानों के जरिए जमीन पर वापसी की रणनीति पर काम कर रही है।


सूत्रों के अनुसार, सीपीएम का फोकस उन इलाकों पर है जहां पहले उसकी मजबूत मौजूदगी रही है, लेकिन पिछले चुनावों में वह कमजोर हुई थी। अब पार्टी स्थानीय मुद्दों और सरकार विरोधी माहौल को आधार बनाकर मतदाताओं को फिर से जोड़ने की कोशिश कर रही है। इसी बीच राज्य की राजनीति में नए सिरे से प्रतिस्पर्धा बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीपीएम की यह सक्रियता तृणमूल कांग्रेस के लिए नई चुनौती पैदा कर सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां वोट बैंक बिखरा हुआ है। आने वाले समय में राज्य की सियासत में मुकाबला और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

