नई दिल्ली : दिल्ली सरकार विभिन्न राज्य आयोगों के गठन की तैयारी में जुटी है। इसी बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आयोगों में भाजपा विधायकों को शामिल नहीं किया जा सकता। सरकार आयोगों में नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रही है और जल्द ही इस संबंध में फैसला लिया जा सकता है।


सूत्रों के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता आयोगों में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी देने की है जो संबंधित क्षेत्रों में अनुभव रखते हों। इसी वजह से विधायकों की जगह विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य योग्य व्यक्तियों को अवसर देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं और विभिन्न स्तरों पर राय-मशविरा जारी है।
दिल्ली में कई आयोगों का गठन लंबे समय से लंबित है। सरकार इन संस्थाओं को सक्रिय कर प्रशासनिक और जनहित से जुड़े कार्यों को गति देना चाहती है। आयोगों के गठन और नियुक्तियों को लेकर अंतिम निर्णय होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

