Seraikela-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड मुख्यालय स्थित धान अधिप्राप्ति केंद्र के वर्षों पुराने और जर्जर भवन को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। भवन की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी और किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कार्रवाई की और पूरे भवन को हटाने का निर्णय लिया। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था तैनात रही तथा प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। जानकारी के अनुसार, भवन की दीवारें और संरचना कमजोर हो चुकी थीं, जिससे वहां कार्यरत कर्मियों और आने वाले लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा था।


हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान परिसर में स्थित एक अन्य भवन, जिसकी हाल ही में मरम्मत और रंगाई-पुताई कराई गई थी, उसे भी तोड़ दिया गया। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भवन को पहले से ध्वस्त करने की योजना थी तो उसकी मरम्मत पर सरकारी धन क्यों खर्च किया गया। लोगों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं और भवनों पर खर्च होने वाली राशि का पारदर्शी और उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भवनों की स्थिति और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई है। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग विभागीय स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

