गढ़वा: बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के गुरूपद संभव राम जी सभागार में गुरुवार को हेड एंड नेक कैंसर पर एक दिवसीय सीएमई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैंसर की शुरुआती पहचान, आधुनिक उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी।


पारस अस्पताल रांची के चिकित्सकों ने हेड एंड नेक कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक सर्जिकल प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह, कुलपति डॉ. एमके सिंह, पारस अस्पताल रांची के एजीएम डॉ. निमिष कृष्ण और सीनियर कंसल्टेंट सर्जिकल डॉ. मदन प्रसाद गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
डॉ. मदन प्रसाद गुप्ता ने कहा कि हेड एंड नेक कैंसर का इलाज संभव है, लेकिन इसके लिए समय पर जांच और शुरुआती लक्षणों की पहचान जरूरी है। उन्होंने तंबाकू, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इससे कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विश्वविद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को सराहनीय पहल बताया और समय पर जांच एवं उचित उपचार के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वनांचल डेंटल कॉलेज के डॉ. एके सिन्हा, डॉ. सुविदया, डॉ. अभिषेक नायर, डॉ. नरेंद्र यादव और डॉ. संतोष समेत अन्य चिकित्सकों का सहयोग रहा।

