हजारीबाग के अनसुलझे हत्याकांड बने रहस्य, वर्षों बाद भी नहीं मिला कई चर्चित मामलों का सच

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हजारीबाग जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सामने आए कई चर्चित हत्याकांड और संदिग्ध मौतों के मामलों का खुलासा आज तक नहीं हो सका है। पुलिस, सीआईडी, एसआईटी और सीबीआई जैसी एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने के बावजूद कई मामलों में कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इससे जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं और पीड़ित परिवारों की न्याय की उम्मीदें लगातार कमजोर होती जा रही हैं।

सबसे चर्चित मामला 15 जुलाई 2018 को सदर थाना क्षेत्र स्थित सीडीएम अपार्टमेंट में सामने आए महेश्वरी परिवार सामूहिक मौत कांड का है। व्यवसायी महावीर महेश्वरी सहित परिवार के छह सदस्यों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। हत्या, आत्महत्या और साजिश जैसे कई सवाल उठे, लेकिन वर्षों की जांच के बाद भी घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।

इसी तरह वर्ष 2021 में लोहसिंघना थाना क्षेत्र के ओकनी में विश्वकर्मा परिवार के तीन सदस्यों की आग में मौत का मामला भी अब तक रहस्य बना हुआ है। प्रारंभिक तौर पर इसे हादसा माना गया था, लेकिन बाद में हत्या की आशंका भी जताई गई।

हाल के वर्षों में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पोता जंगल से तीन लोगों के शव मिलने का मामला भी काफी चर्चित रहा। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा के बावजूद इस मामले में भी कोई निर्णायक सफलता नहीं मिल सकी है।

इन अनसुलझे मामलों ने जिले की अपराध अनुसंधान व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं पीड़ित परिवार अब भी सच सामने आने और न्याय मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।