भारत: 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) देश में स्वच्छता को केवल शौचालय निर्माण और कचरा प्रबंधन तक सीमित रखने के बजाय लोगों की आदतों और सामाजिक व्यवहार में स्थायी बदलाव लाने पर केंद्रित रहा है। मिशन को स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी) और स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) के रूप में संचालित किया गया। एसबीएम-जी का जोर ग्रामीण स्वच्छता, शौचालय की पहुंच और इस्तेमाल तथा अपशिष्ट प्रबंधन पर रहा, जबकि एसबीएम-यू ने शहरी स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक स्थानों की सफाई पर ध्यान दिया।


मिशन में सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार को महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। घर-घर संपर्क, ग्राम सभा, चौपाल, स्वयं सहायता समूह, सामुदायिक बैठक, धार्मिक आयोजन और स्थानीय सामाजिक नेटवर्क के जरिए स्वच्छता का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया। जमीनी स्तर पर स्वच्छाग्रहियों ने शौचालय के नियमित इस्तेमाल, सुरक्षित स्वच्छता व्यवहार और सामुदायिक निगरानी में भूमिका निभाई। गांवों में निगरानी समितियों के जरिए खुले में शौच की समस्या वाले स्थानों पर भी नजर रखी गई।
स्वच्छ भारत मिशन के दौरान नुक्कड़ नाटक, कठपुतली शो, मैजिक शो, वॉल पेंटिंग और डिजिटल माध्यमों का भी इस्तेमाल जागरूकता बढ़ाने के लिए किया गया। टीवी, रेडियो, प्रिंट और सोशल मीडिया के अलावा स्वच्छता ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया। अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर, अक्षय कुमार, भूमि पेडनेकर और विद्या बालन जैसी सार्वजनिक हस्तियों को भी विभिन्न स्वच्छता अभियानों से जोड़ा गया।
मिशन में महिलाओं और बच्चों को भी बदलाव के सक्रिय भागीदार के रूप में देखा गया। एक अध्ययन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने बताया कि शौचालय की सुविधा से सुरक्षा, समय और स्वच्छता से जुड़ी उनकी परेशानियों में कमी आई। स्कूलों में भी स्वच्छता शिक्षा, श्रमदान और जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया।
ग्रामीण भारत को 2 अक्टूबर 2019 को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया गया। इसके बाद ओडीएफ+, ओडीएफ++, वॉटर+ और कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग जैसे मानकों के जरिए स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने और मजबूत करने पर जोर दिया गया। इन प्रयासों का उद्देश्य शौचालय के इस्तेमाल, सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव, अपशिष्ट प्रबंधन, घर-घर कचरा संग्रह और स्रोत पर कचरे के पृथक्करण जैसे व्यवहारों को स्थायी बनाना रहा है।

