जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2.0 में मिलेंगे 10 राष्ट्रीय पुरस्कार, प्रत्येक विजेता को एक लाख रुपये की सम्मान राशि

Spread the love

जमशेदपुर: साहित्य, संगीत, कला और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को 18 से 20 दिसंबर तक बिष्टुपुर स्थित होटल रमाडा में आयोजित जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2.0 में सम्मानित किया जाएगा। विद्यादीप फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस महोत्सव में 10 प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक पुरस्कार के साथ एक लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। इस वर्ष फेस्टिवल की केंद्रीय थीम ‘विरासत एवं पर्यटन’ रखी गई है।

फेस्टिवल के क्यूरेटर संदीप मुरारका ने बताया कि पुरस्कार महान विभूतियों और ऐतिहासिक संस्थाओं की स्मृति में स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य साहित्य, कला, संस्कृति, शिक्षा और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान को पहचान देना है। आयोजन समिति के सदस्य कमल किशोर अग्रवाल और मंटू अग्रवाल के अनुसार, पुरस्कारों के लिए नामांकन की प्रक्रिया नहीं होगी। विजेताओं का चयन स्वतंत्र निर्णायक मंडल करेगा, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी।

पुरस्कारों में संगीत एवं संगीत-साहित्य के लिए वसुंधरा कोमकली पुरस्कार, चित्रकला के लिए जे. स्वामीनाथन पुरस्कार और नृत्य कला के लिए रुक्मिणी देवी अरुंडेल पुरस्कार शामिल हैं। हिंदी साहित्य के लिए फादर कामिल बुल्के पुरस्कार, अंग्रेजी पुस्तक के लिए जेराल्ड डरेल पुरस्कार और झारखंड के साहित्य, संस्कृति एवं विरासत के लिए डॉ. कुमार सुरेश सिंह पुरस्कार दिया जाएगा।

इसके अलावा पत्रकारिता के लिए उदन्त मार्तण्ड पुरस्कार, जनजातीय कला एवं संस्कृति संरक्षण के लिए डॉ. रामदयाल मुंडा पुरस्कार, विरासत एवं पर्यटन के लिए गोपालदास मुखर्जी पुरस्कार और संस्थागत शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिसेज कियोके मोनरो पेरिन विद्यालय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

इन पुरस्कारों के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत, पारंपरिक कला, साहित्यिक शोध, निष्पक्ष पत्रकारिता, आदिवासी भाषाओं, लोक संस्कृति, पर्यटन विकास और गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा में योगदान को सम्मानित किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचान देने के साथ झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच प्रदान करना है।