जमशेदपुर: काली मंदिर से डिमना चौक होते हुए बालीगुमा तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए वन भूमि से जुड़ी अड़चनें दूर करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। NHAI ने वन विभाग की ओर से उठाई गई आपत्तियों पर बिंदुवार जवाब भेज दिया है। करीब 10.021 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण NH-18 (पुराना NH-33) के किलोमीटर 241.940 से 251.962 के बीच प्रस्तावित है।


NHAI की रांची प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट ने Environment Portal पर मांगी गई Essential Details Sought (EDS) से संबंधित जानकारी तैयार कर जमशेदपुर के उप वन संरक्षक एवं एरिया डायरेक्टर, गज प्रोजेक्ट को भेजी है।
बिजली लाइनों की शिफ्टिंग की भी जानकारी
NHAI ने परियोजना क्षेत्र में आने वाली DVC की हाईटेंशन और लो टेंशन बिजली लाइनों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया की जानकारी भी दी है। DVC की ओर से लाइन शिफ्टिंग के लिए प्राधिकरण पत्र जारी किया गया है। दलमा वाइल्डलाइफ एरिया में 4.644 हेक्टेयर और सरायकेला वन प्रमंडल में 1.8569 हेक्टेयर भूमि से संबंधित प्रस्ताव अलग-अलग प्रक्रिया में हैं। दलमा क्षेत्र से जुड़े 4.644 हेक्टेयर प्रस्ताव को राज्य और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है।
DGPS मैप और KML फाइल में किया सुधार
Environment Portal पर उपलब्ध DGPS मैप और KML फाइल के आंकड़ों में अंतर को लेकर भी NHAI ने जवाब दिया है। आवश्यक सुधार के बाद अपडेटेड DGPS मैप और KML फाइल पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।
आसनबनी की वन भूमि पर NHAI ने दी सफाई
जियो-स्पेशल जांच में सामने आई आपत्तियों पर NHAI ने बताया कि सरायकेला वन प्रमंडल के आसनबनी मौजा की 1.366 हेक्टेयर वन भूमि को झारखंड सरकार के पत्र संख्या 36/2009-260 के तहत 22 जनवरी 2020 को रिलीज किया गया था। NHAI के अनुसार इसी रिलीज की गई भूमि के एक हिस्से पर फोरलेन सड़क का निर्माण किया गया है।
तीन अलग प्रस्ताव क्यों?
NHAI के अनुसार दलमा वाइल्डलाइफ एरिया और अलग-अलग वन क्षेत्राधिकार होने के कारण 2.1812 हेक्टेयर, 4.644 हेक्टेयर और 1.8569 हेक्टेयर वन भूमि के लिए तीन अलग प्रस्ताव तैयार किए गए थे। ये प्रस्ताव वन विभाग के निर्देश के आधार पर अलग-अलग भेजे गए।
2.1812 हेक्टेयर के लिए वन्यजीव मंजूरी
राज्य और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की 90वीं स्थायी समिति ने 27 मई 2026 को एलिवेटेड कॉरिडोर से जुड़ी 2.1812 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन से संबंधित प्रस्ताव संख्या FP/JH/ROAD/406662/2022 को मंजूरी दी है। NHAI ने बताया कि प्रभावित वन क्षेत्र 5 हेक्टेयर से कम है और जल्द वन स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया है।
एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से डिमना चौक, पारडीह समेत जमशेदपुर के व्यस्त इलाकों में यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है। NHAI की ओर से वन विभाग की आपत्तियों का जवाब दिए जाने के बाद अब वन स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।

