जमशेदपुर: पीएंडएम मॉल पर टाटा स्टील का 2.23 करोड़ रुपये बकाया का दावा, 15 दिन में भुगतान का अंतिम नोटिस

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जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित पीएंडएम मॉल की जमीन को लेकर टाटा स्टील और मॉल प्रबंधन के बीच विवाद एक बार फिर सामने आया है। टाटा स्टील ने पीएंडएम मॉल को बकाया लीज रेंट और 25 प्रतिशत रोड सेस के रूप में 2,23,86,000 रुपये जमा करने का अंतिम नोटिस दिया है। कंपनी ने नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर पूरी राशि जमा करने को कहा है। भुगतान नहीं होने पर सब-लीज की मंजूरी रद्द करने और जमीन का कब्जा वापस लेने की दिशा में कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है।

टाटा स्टील के चीफ लैंड मैनेजमेंट आनंद कुमार की ओर से 1 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र के अनुसार, यह बकाया वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2014-15 तक के लीज रेंट और लागू 25 प्रतिशत रोड सेस से संबंधित है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि लीज रेंट का 120 प्रतिशत अन्य लागू सेस फिलहाल इस मांग में शामिल नहीं है, क्योंकि इससे संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

नोटिस में टाटा स्टील ने झारखंड सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 8 जून 2007 के पत्र और 7 मार्च 2008 को टाटा स्टील तथा पीएंडएम इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए लीज एग्रीमेंट का हवाला दिया है। कंपनी के अनुसार सब-लीज की मंजूरी वार्षिक किराया और सेस के भुगतान की शर्त पर दी गयी थी। एग्रीमेंट के तहत लीज रेंट और सेस का भुगतान हर साल जनवरी और जुलाई में किया जाना था और देरी की स्थिति में ब्याज का प्रावधान है।

टाटा स्टील ने एग्रीमेंट के क्लॉज 6.1.3 का हवाला देते हुए कहा है कि किराया, सेस और संबंधित लागत छह माह तक बकाया रहने तथा मामला वैध मध्यस्थता प्रक्रिया में नहीं होने की स्थिति में कंपनी जमीन पर दोबारा कब्जा लेकर सब-लीज समाप्त कर सकती है। कंपनी के अनुसार 22 जुलाई 2025 के हाईकोर्ट के आदेश और लीज एग्रीमेंट में निर्धारित दायित्वों के आधार पर भुगतान से संबंधित पीएंडएम प्रबंधन के पूर्व अभ्यावेदन खारिज किये जा चुके हैं।

वहीं, पीएंडएम मॉल के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर नितेश कुमार ने कहा कि मॉल प्रबंधन अब तक का सारा भुगतान टाटा स्टील को कर चुका है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद मॉल का काम बंद रहने की अवधि के भुगतान को लेकर प्रबंधन ने टाटा स्टील से जानकारी मांगी थी। नितेश कुमार के अनुसार प्रबंधन अब टाटा स्टील से राशि की मांग का आधार और संबंधित प्रावधान की जानकारी लेगा तथा मामले में जल्द वार्ता का प्रयास करेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 2 अगस्त 2026 को भी टाटा स्टील प्रबंधन को पत्र भेजकर जानकारी मांगी गयी थी।