रांची: झारखंड में फार्मेसी शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य के 33 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी गई है। संबंधित नियामक संस्था द्वारा किए गए निरीक्षण और समीक्षा के दौरान इन संस्थानों में निर्धारित मानकों एवं नियमों का पालन नहीं पाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया।


जानकारी के अनुसार, कई कॉलेजों में बुनियादी ढांचे की कमी, योग्य शिक्षकों की अपर्याप्त उपलब्धता, प्रयोगशाला सुविधाओं का अभाव तथा अन्य शैक्षणिक मानकों से जुड़ी गंभीर खामियां पाई गईं। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इन संस्थानों की मान्यता समाप्त कर दी गई।
मान्यता रद्द होने के बाद इन कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों और नए प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, संबंधित विभाग और नियामक संस्थाएं छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था और आगे की प्रक्रिया तय करने पर विचार कर रही हैं, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी और अन्य संस्थानों को भी निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करने का संदेश जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों की मान्यता रद्द की गई है, उन्हें आवश्यक सुधार करने और निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद पुनः मान्यता के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जा सकता है।

