रांची: राजधानी रांची में शनिवार को अचानक उत्पन्न हुए जल संकट ने लाखों लोगों की परेशानी बढ़ा दी। तेज आंधी और तूफान के कारण रुक्का जलशोधन केंद्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे शहर के कई इलाकों में पाइपलाइन से जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई। इस स्थिति से सात लाख से अधिक लोगों को पूरे दिन पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।


जलापूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को घरेलू कार्यों से लेकर पीने के पानी तक के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई परिवारों को बाजार से बोतलबंद पानी और पानी के जार खरीदने पड़े, जबकि बस्तियों और छोटे मोहल्लों में रहने वाले लोगों ने नगर निगम के हाइड्रेंट, मिनी हाइड्रेंट और चापानलों का सहारा लिया।
जानकारी के अनुसार, दोपहर में ओरमांझी क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान के दौरान 33 केवी सिरदो-1 और सिरदो-2 विद्युत लाइनों पर पेड़ गिर गए, जिससे बिजली की तारें टूट गईं और कई पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा, 33 केवी डेवलपमेंट फीडर में भी पेड़ की शाखा गिरने से कंडक्टर क्षतिग्रस्त हो गया।
बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण रुक्का जलशोधन केंद्र का संचालन ठप हो गया और वहां से बूटी जलाशय तक पानी भेजने की प्रक्रिया रुक गई। सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर गिरे हुए पेड़ों को हटाया और क्षतिग्रस्त तारों एवं पोलों की मरम्मत शुरू की। शाम करीब 7:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद जलापूर्ति की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकी।
इस जल संकट का असर राजधानी के कई इलाकों में देखने को मिला। रतु रोड लाइन से जुड़े बरियातू, मोरहाबादी, कर्मटोली, कचहरी रोड, हरमू रोड, पुराना रांची, अपर बाजार, महावीर चौक, पिस्का मोड़, मेन रोड और न्यू मार्केट समेत कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित रही।
वहीं, टाउन लाइन से जुड़े बूटी रोड, कोकर, नामकुम, तुपुदाना, लालपुर, पुरुलिया रोड, कांटाटोली, सिरमटोली, चुटिया, स्टेशन रोड, कडरू रोड, मेन रोड और हिंदपीढ़ी क्षेत्र के लोग भी जल संकट से प्रभावित हुए।
इसके अलावा, रुक्का प्लांट से जुड़े यूजीआर (UGR) में तकनीकी खराबी के कारण कुछ क्षेत्रों में लगातार तीसरे दिन भी पानी की किल्लत बनी रही। सिमलिया स्थित संप से पुंदाग के जलमीनार, हरमू और जगन्नाथपुर टैंकों तक पानी नहीं पहुंच सका।
अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी खामी दूर होने के बाद रविवार को पुंदाग, अरगोड़ा, हरमू, डिबडीह और जगन्नाथपुर सहित प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से जलापूर्ति बहाल की जाएगी।

