झारखंड हाईकोर्ट: पाकुड़ और दुमका की पानम कोयला खदानों से जुड़े कथित अवैध खनन मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने अब तक हुई जांच की प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी SIB को सौंपने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी, जिसमें जांच की प्रगति और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी।


याचिका के अनुसार, सरकार ने वर्ष 2015 में पाकुड़ और दुमका जिलों में कोयला खनन के लिए पानम माइंस का पट्टा दिया था। आरोप है कि संबंधित कंपनी ने निर्धारित सीमा से अधिक खनन किया। याचिका में दावा किया गया है कि लीज क्षेत्र से बाहर खनन किए जाने के कारण सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
मामले में खनन से प्रभावित और विस्थापित लोगों के पुनर्वास का मुद्दा भी अदालत के समक्ष उठाया गया है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता राम सुभ सिंह ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कथित अवैध खनन और विस्थापितों के पुनर्वास की CBI जांच की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने अब तक की जांच की दिशा और तरीके पर असंतोष जताते हुए SIB को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया। नवंबर में अदालत जांच की स्थिति की समीक्षा करेगी।

