धनबाद: झारखंड में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ खनन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 के जुलाई तक राज्यभर में कुल 24,322 वाहन जब्त किए गए हैं। इनमें ट्रक, हाइवा, ट्रैक्टर समेत खनिज परिवहन में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न वाहन शामिल हैं।


आंकड़ों के मुताबिक देवघर में सबसे अधिक 1,885 वाहन जब्त किए गए हैं। चाईबासा 1,772 वाहनों के साथ दूसरे और पलामू 1,714 वाहनों के साथ तीसरे स्थान पर है। धनबाद में 1,571 वाहनों पर कार्रवाई हुई, जिससे वह चौथे स्थान पर रहा। इसके बाद कोडरमा में 1,478, हजारीबाग में 1,381, पाकुड़ में 1,253, चतरा में 1,246, गिरिडीह में 1,207 और रांची में 1,163 वाहन जब्त किए गए।
वहीं, सिमडेगा में पांच वर्षों के दौरान सबसे कम 488 वाहनों की जब्ती दर्ज हुई। गुमला में 507 और सरायकेला-खरसावां में 537 वाहनों पर कार्रवाई हुई।
राज्यस्तर पर 2022-23 में 6,292, 2023-24 में 5,632, 2024-25 में 5,794 और 2025-26 में 5,162 वाहन जब्त किए गए। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई तक 1,442 वाहन जब्त हुए हैं। यह आंकड़ा केवल चार महीने का है, इसलिए इसकी तुलना पूरे वित्तीय वर्ष से सीधे नहीं की जा सकती।
विभाग के अनुसार, अवैध खनिज परिवहन, वैध चालान या परिवहन दस्तावेजों में अनियमितता और खनन नियमों के उल्लंघन के मामलों में वाहन जब्त किए गए। कार्रवाई का उद्देश्य अवैध परिवहन पर रोक, नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सरकारी राजस्व की रक्षा करना है।

