रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कुल 22 प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इनमें JPSC की 21 परीक्षाएं शामिल हैं, जिनमें TDPL की कथित पूर्ण या आंशिक संलिप्तता सामने आने की बात कही गई है।


रद्द की गई परीक्षाओं में JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल है। इस परीक्षा के माध्यम से नियुक्त 342 अधिकारी वर्तमान में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। इसके अलावा 64 CDPO, 56 फूड सेफ्टी ऑफिसर और JSSC-CGL के माध्यम से नियुक्त 1,975 कर्मियों की नौकरी पर भी संकट पैदा हो गया है।
23 अन्य परीक्षाओं की CID जांच
सरकार ने 23 अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की CID जांच कराने का भी आदेश दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने 18 अगस्त की देर रात इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
सरकार के अनुसार, CID/SIT जांच में सामने आए तथ्यों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह फैसला लिया गया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और निगरानी सेल बनाने का फैसला
JPSC-JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं और कदाचार के मामलों की सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी सेल स्थापित करने की भी बात कही गई है।
कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं रद्द
रद्द की गई परीक्षाओं में फूड सेफ्टी ऑफिसर, CDPO, सिविल जज जूनियर डिवीजन, असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर समेत कई सिविल सेवा और अन्य नियुक्ति परीक्षाएं शामिल हैं।
वहीं, CID जांच के दायरे में 5वीं सिविल सेवा, सिविल सेवा-2016, सिविल सेवा-2021, संयुक्त सहायक अभियंता, फूड एनालाइजर और फैक्ट्री इंस्पेक्टर समेत अन्य परीक्षाएं शामिल हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल उन अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर है, जो इन परीक्षाओं के जरिए नियुक्त होकर वर्षों से सरकारी सेवा में कार्यरत हैं।

