जमशेदपुर: कुदादा-करनडीह आजीविका महिला संकुल स्तरीय स्वालंबी सहकारी समिति लिमिटेड (जेएसएलपीएस) ने उत्तरी घाघीडीह ग्राम संगठन की अध्यक्ष बबली कौर के खिलाफ वित्तीय अनियमितता, सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग और संगठन के कार्यों में मनमानी के आरोप लगाते हुए उपायुक्त को विस्तृत शिकायत सौंपी है। समिति ने पूरे मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


शिकायत के अनुसार, घाघीडीह ग्राम संगठन को महिलाओं के स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए कुल 25 लाख रुपये का ऋण तीन किस्तों में उपलब्ध कराया गया था। आरोप है कि पिछले पांच महीनों से ऋण की अदायगी नहीं होने पर संकुल की मॉनिटरिंग समिति और पदाधिकारियों ने जांच की।
समिति का आरोप है कि ग्राम संगठन की अध्यक्ष बबली कौर ने महिलाओं से वसूली गई ऋण राशि को संगठन के खाते में जमा करने के बजाय अपने पास रखकर व्यक्तिगत उपयोग में लिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संगठन का रजिस्टर, पासबुक और मुहर भी उन्होंने अपने कब्जे में रखी तथा सदस्यों की जानकारी के बिना उनका उपयोग किया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि समूहों को ऋण दिलाने के नाम पर धन की मांग की गई, संगठन से जुड़े दस्तावेजों और चेक का मनमाने ढंग से उपयोग किया गया तथा कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर वाले चेक जारी कर पिछले पांच महीनों से ऋण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित की गई।
संकुल ने यह भी दावा किया है कि ग्राम संगठन के खाते से नियमों के विरुद्ध 70 हजार रुपये व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित किए गए। इसके अलावा चेक बाउंस, सरकारी धन के कथित गबन, संगठन की संपत्ति अपने पास रखने तथा सरकारी आदेशों के दुरुपयोग जैसे आरोप भी शिकायत में शामिल हैं।
समिति ने उपायुक्त से ऋण की वसूली के लिए कानूनी सहायता उपलब्ध कराने, ग्राम संगठन की संपत्ति वापस दिलाने, नई कार्यकारिणी के गठन तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत में यह भी आग्रह किया गया है कि सरकारी धन की वापसी तक संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने पर विचार किया जाए।
हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता संगठन द्वारा लगाए गए हैं। इस मामले में बबली कौर का पक्ष अब तक सामने नहीं आया है और प्रशासन की ओर से भी शिकायत पर किसी आधिकारिक निष्कर्ष या कार्रवाई की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है।

