सरायकेला छऊ कला केंद्र को नई पहचान दिलाने की पहल, भवन-प्रशिक्षण और कलाकारों के मुद्दों पर मंथन

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सरायकेला: सरायकेला छऊ कला केंद्र की खोई चमक वापस लाने और इसके विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त नितेश कुमार सिंह ने की, जबकि खरसावां विधायक दशरथ गागराई भी मौजूद रहे। बैठक में कला केंद्र के संरक्षण और छऊ कला को बढ़ावा देने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में सरायकेला के SDO अभिनव प्रकाश, जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार समेत कोर कमेटी और स्टीयरिंग कमेटी के कई सदस्य शामिल हुए। इस दौरान छऊ कला केंद्र की कमियां, भवन की स्थिति, कर्मचारियों की कमी, स्थायी और संविदा नियुक्ति तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। समितियों की संख्या और उनके ढांचे में सुधार को लेकर भी सुझाव लिए गए।

उपायुक्त ने अधिकारियों और समिति सदस्यों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। पहले अनुमंडल स्तर पर बैठक कर कला केंद्र की सभी जरूरतों और कमियों की बिंदुवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद जिला स्तर पर प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर झारखंड सरकार के संस्कृति, कला एवं खेल विभाग को भेजा जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि सरायकेला, खरसावां और मानभूम की गौरवशाली छऊ परंपरा को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। नई पीढ़ी को इस लोककला से जोड़ने और स्थानीय कलाकारों को बेहतर अवसर देने पर भी जोर दिया गया।

विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि छऊ केवल कला नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान है। उन्होंने कला केंद्र को सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और युवाओं को तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनाने की बात कही।