जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। छात्र गतिविधि केंद्र (Student Activity Centre) में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।


इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग (Yoga for One Earth, One Health)” रही। कार्यक्रम में व्यक्तिगत स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता और पर्यावरणीय संतुलन के बीच योग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से योग आज विश्वभर में स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
कार्यक्रम में एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार, कुलसचिव (प्रभारी) एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सरोज कुमार सारंगी, छात्र गतिविधि केंद्र के अध्यक्ष प्रो. ए.के.एल. श्रीवास्तव, अधिष्ठाता योजना एवं विकास प्रो. शशि भूषण प्रसाद सहित संस्थान के विभिन्न विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. जितेंद्र कुमार, संकाय प्रभारी (खेल) के स्वागत भाषण से हुआ। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के सम्मान का आयोजन किया गया। अपने संबोधन में निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है, जो शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने में सहायक है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और कर्मचारियों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सामान्य योग प्रोटोकॉल (Common Yoga Protocol) का सामूहिक अभ्यास रहा, जिसका संचालन प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ मणि भूषण सिंह (योग जिज्ञासु) ने किया। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग सत्र के दौरान तनाव प्रबंधन, मानसिक एकाग्रता, शारीरिक स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया और संस्थान की इस पहल की सराहना करते हुए इसे स्वस्थ एवं संतुलित जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

