झारखंड : महुआडांड़ में बिजली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बाजार क्षेत्र, शहीद चौक रोड, संत जोसेफ स्कूल मार्ग और नेतरहाट रोड सहित कई घनी आबादी वाले इलाकों में खुले ट्रांसफॉर्मर, उलझे बिजली तार और जर्जर पोल लोगों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।


कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर बिना सुरक्षा घेराबंदी के खुले में लगाए गए हैं, जबकि 11 केवी हाई वोल्टेज तार मकानों की छतों और दुकानों के बेहद करीब से गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार ट्रांसफॉर्मरों से स्पार्किंग और तेल रिसाव की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे बारिश के मौसम में खतरा और बढ़ जाता है।
ग्रामीणों और दुकानदारों ने बताया कि नीचे लटकते तारों और झुके हुए बिजली पोलों के कारण स्कूली बच्चों, राहगीरों और व्यापारियों को हर दिन जोखिम के बीच गुजरना पड़ रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि खुले ट्रांसफॉर्मरों की घेराबंदी, जर्जर तारों की मरम्मत और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर जल्द विशेष अभियान चलाया जाए।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने माना कि पुराने नेटवर्क और बढ़ते लोड के कारण समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। विभाग ने चरणबद्ध तरीके से मरम्मत और नए ट्रांसफॉर्मर लगाने की बात कही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

