घाटशिला : सोना देवी विश्वविद्यालय के विवेकानंद ऑडिटोरियम में शुक्रवार को कवि गुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरुदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की।


इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि कवि गुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर ऐसी महान शख्सियत थे, जिन्हें सम्मानित करने वाला स्वयं सम्मानित हो जाता है। उन्होंने समाज में पुनर्जागरण, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को नई दिशा दी।
विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नित नयना ने गुरुदेव के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं गुरुदेव की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस दौरान बी फार्म की छात्रा बालेश्वरी मार्डी एवं लक्ष्मी मुर्मू ने नृत्य प्रस्तुति दी, जबकि अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापक अनुसूआ रॉय ने भावपूर्ण नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया।
मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. निभा शुक्ला ने गुरुदेव के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। वहीं गणित विभाग के सहायक प्राध्यापक कृष्णेंदु दत्ता ने गीत प्रस्तुत कर कहा कि जहां मन की स्वतंत्रता है, गुरुदेव आज भी वहीं जीवित हैं।
कार्यक्रम में छात्र संदीप सिंह देव एवं कर्मचारी प्रियंका ने भी गुरुदेव की शिक्षाओं को याद किया। कार्यक्रम का संचालन बांग्ला विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रियंजना बनर्जी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इतिहास विभाग की अध्यक्ष डॉ. कंचन सिन्हा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

