पटना: एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटना में विरोध मार्च निकाला। आर. ब्लॉक स्थित चाणक्य होटल के पास से शुरू हुआ मार्च राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहा था। विधानसभा के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी पानी की बौछार में भीग गए।


कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित एकतरफा फैसलों को लेकर सवाल उठाए और उनके इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने एसआईआर से जुड़े फैसलों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी रखी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालयों तक मार्च और 28 सितंबर को जिला कांग्रेस कमेटियों की ओर से जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े अपने सवालों को उठाने की बात कह रही है।
वहीं, चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर समेत आयोग के फैसलों को लेकर तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति होने की बात कही गई है। इस बीच एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक दलों के बीच विवाद जारी है।

