सरायकेला: आदित्यपुर स्थित एक होटल में शनिवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से क्षेत्रीय मीडिया कर्मियों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। पीआईबी रांची द्वारा आयोजित कार्यशाला में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी पत्रकारों को दी गई।


कार्यशाला की अध्यक्षता सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अपर महानिदेशक अखिल कुमार मिश्रा ने की। उन्होंने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। पत्रकारों के माध्यम से लोगों को कचरे के सही पृथक्करण, निस्तारण और नए नियमों के प्रति जागरूक किया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।
मुख्य अतिथि सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने ठोस कचरा प्रबंधन को जनहित से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि नए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासन के साथ मीडिया की सहभागिता भी जरूरी है।
पीआईबी के अनिल कुमार शर्मा ने नियमों के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल 2026 से शहरी और ग्रामीण दोनों स्थानीय निकायों में नए नियम लागू किए गए हैं। इनमें स्रोत स्तर पर गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग-अलग रखने पर जोर दिया गया है। खुले में कचरा फेंकने या जलाने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का प्रावधान बताया गया।
कार्यशाला में डिजिटल मॉनिटरिंग, कचरे के अंतिम निस्तारण, लैंडफिल के सीमित इस्तेमाल और कचरे से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं पर भी जानकारी दी गई। पत्रकारों को एक्रीडेशन, स्वास्थ्य सुविधाओं समेत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। प्रश्नोत्तर सत्र में पत्रकारों ने नियमों के क्रियान्वयन और योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे।
कार्यक्रम में पद्मश्री छुटनी महतो, बाल संरक्षण पदाधिकारी सुप्रिया कुमारी शर्मा, डीपीआरओ अविनाश कुमार समेत पीआईबी के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय पत्रकार मौजूद रहे।

