सुलतानगंज: बाबाधाम जाने वाले कांवरियों, श्रद्धालुओं और आम यात्रियों की सुविधा के लिए बहुप्रतीक्षित सुलतानगंज-देवघर फोरलेन सड़क परियोजना का काम अब धरातल पर आगे बढ़ने लगा है। पहले चरण में सुलतानगंज से बेलहर तक 40 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के लिए 387 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। निर्माण कार्य को गति देने के लिए असियाचक गांव में बेस कैंप तैयार किया जा रहा है। प्लांट का एरेक्शन पूरा हो चुका है और आरएमसी तथा हॉट मिक्स प्लांट की मशीनें स्थापित की जा रही हैं।


बेस कैंप परिसर में मिट्टी भराई और समतलीकरण का काम भी जारी है। इसी केंद्र से सड़क निर्माण के लिए तैयार होने वाली सामग्री सुलतानगंज-बेलहर के 40 किलोमीटर लंबे रूट पर भेजी जाएगी। परियोजना के तहत करीब 10 स्थानों पर पुलिया और जलनिकासी संरचनाओं का निर्माण भी शुरू होने की जानकारी सामने आई है। (Prabhat Khabar)
परियोजना के लिए भागलपुर जिले की सीमा में भूमि उपलब्ध है, जबकि मुंगेर जिले के तीन अंचलों में जमीन की कमी या अन्य मामलों वाले स्थानों पर राजस्व विभाग की ओर से नापी की जा रही है। वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में बताई जा रही है। दूसरे चरण में बेलहर से दर्दमारा, यानी देवघर सीमा तक सड़क निर्माण होना है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण और नापी की प्रक्रिया जारी है।
21 सितंबर को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने सुलतानगंज पहुंचकर परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया था और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। हाल की समीक्षा में भी सुलतानगंज-तारापुर-संग्रामपुर-बेलहर-कटोरिया-चंदन-दर्दमारा मार्ग के 0 से 40 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने तथा बेलहर से दर्दमारा तक फोरलेन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। (The Pratyek News)
फोरलेन बनने से सुलतानगंज से देवघर की दूरी में बड़ी कमी भले न आए, लेकिन संकरी और जर्जर सड़कों तथा श्रावणी मेले के दौरान लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से सुलतानगंज-बेलहर-देवघर कॉरिडोर में यातायात, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

