सरायकेला/आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर एक बार फिर असमानता का मुद्दा सामने आया है। वार्ड-17 के स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र में वर्षों से जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध है, वहीं नई पेयजल योजना का शुभारंभ किया जा रहा है, जबकि उनका इलाका पिछले 26 वर्षों से नल जल योजना का इंतजार कर रहा है।


स्थानीय लोगों के अनुसार, न्यू हाउसिंग कॉलोनी (वार्ड-17) में लगभग 20 हजार घरों की आबादी निवास करती है। इसके बावजूद आज तक नियमित पाइपलाइन आधारित पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। क्षेत्र के अधिकांश लोग भूमिगत जल पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि जहां कभी 150 फीट पर पानी मिल जाता था, वहीं अब जलस्तर करीब 1000 फीट तक पहुंच गया है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है।
इसी बीच मंगलवार को आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड-28 में घर-घर पेयजल आपूर्ति योजना के तहत टेस्टिंग शुरू होने की सूचना मिली। शाम करीब 4 बजे रोड नंबर 31-32 के कई घरों में पहली बार नलों से पानी छोड़ा गया। शुरुआती चरण में नलों से मिट्टी युक्त पानी आने के बावजूद स्थानीय लोगों ने इसे नई योजना की शुरुआत मानते हुए खुशी जताई।
परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि आदित्यपुर-2 क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में जलापूर्ति योजना की टेस्टिंग जारी है। उन्होंने कहा कि गैस पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई स्थानों पर पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है, जिसकी मरम्मत का कार्य दिन-रात किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिला उपायुक्त द्वारा 31 जुलाई 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना पूरी करने के लिए प्रयास जारी हैं।
हालांकि, वार्ड-17 के लोगों का कहना है कि जलापूर्ति योजना का विस्तार उन इलाकों तक भी होना चाहिए, जहां वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है। उनका मानना है कि सभी वार्डों को समान प्राथमिकता मिलने से ही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।

