ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के दावे से वैश्विक चिंता

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पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। ईरान ने गुरुवार को सख्त चेतावनी जारी करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है। ईरान ने कहा है कि इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज—चाहे वह तेल टैंकर हो या वाणिज्यिक जहाज—को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

इस बीच ईरानी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे दो जहाजों को निशाना बनाया गया है। इन दावों ने क्षेत्र में चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। अमेरिका का कहना है कि उसके किसी भी नौसैनिक जहाज पर ऐसा कोई सफल हमला नहीं हुआ है, जिससे समुद्री गतिविधियां बाधित हों।

इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि शाम 5:15 बजे (अमेरिकी समय) से ईरानी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई शुरू की गई है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इसे अमेरिका ने आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया है।

ईरानी मीडिया के अनुसार देश के दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं। IRNA के मुताबिक क़ेश्म और हेंगाम द्वीपों पर प्रोजेक्टाइल गिरने के बाद विस्फोट हुए। वहीं बंदर अब्बास के एयरपोर्ट और एयरबेस के आसपास भी धमाकों की खबर है, जबकि कंगन पोर्ट क्षेत्र में भी विस्फोट की सूचना मिली है।

ईरानी सेना ने कहा है कि वह पूरी तरह सतर्क और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने आगे कोई आक्रामक कदम उठाया तो उसका कड़ा और गंभीर जवाब दिया जाएगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती है, बल्कि इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।

फिलहाल दोनों देशों के दावों और जवाबी बयानों ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है और पूरी दुनिया की नजर इस टकराव के अगले कदम पर टिकी हुई है।