नई दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक कलह अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के बागी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि उनके गुट के पास अधिकतर सांसदों का समर्थन है। बागी सांसदों ने ‘असली टीएमसी’ नाम से अलग समूह बना लिया है और 15 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर आधिकारिक मान्यता और सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग करेंगे।


बसुनिया ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया। हाल के विधानसभा चुनावों में हार के बाद पार्टी में असंतोष तेज हो गया है। बताया जा रहा है कि तीन सांसद राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि लोकसभा में 20 सांसदों का समूह बागी रुख अपना चुका है।
सूत्रों के मुताबिक 18 मई को काकोली घोष दस्तीदार, सताबदी रॉय, यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, सायोनी घोष समेत 19 सांसदों ने स्पीकर कार्यालय को अपनी सूची सौंपी थी। काकोली घोष दस्तीदार ने भी इसकी पुष्टि की है। इस बीच भाजपा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला ने कहा कि टीएमसी का बिखरना तय था और बंगाल की जनता अब बदलाव के तौर पर भाजपा की ओर देख रही है।

