रांची: सरला बिरला विश्वविद्यालय में मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं प्रखर राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को स्मरण किया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने डॉ. मुखर्जी के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान औपनिवेशिक चुनौतियों और शोषण के विरुद्ध डॉ. मुखर्जी दृढ़ता से खड़े रहे। स्वतंत्रता के बाद भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के लिए निरंतर संघर्ष किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को डॉ. मुखर्जी के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षाविदों के बीच राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर सार्थक संवाद की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. श्रीधर डांडिन सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान तथा राज्यसभा सांसद एवं निदेशक (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने भी डॉ. मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रसेवा, अखंड भारत और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पण के संकल्प के साथ हुआ।

