दुबई में प्रवासी मजदूर की मौत, गिरिडीह के लालचंद महतो का शव भारत लाने की उठी मांग

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गिरिडीह: गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत तिरला पंचायत निवासी प्रवासी मजदूर लालचंद महतो की दुबई में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बेहतर रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद लेकर विदेश गए लालचंद की मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं।

जानकारी के अनुसार, लालचंद महतो जनवरी 2026 में रोजगार के लिए दुबई गए थे। शुरुआती दो महीनों तक उन्होंने एक कंपनी में काम किया, लेकिन बाद में उनकी नौकरी चली गई। इसके बाद वह रोजगार की तलाश में भटकते रहे। इसी दौरान उनका पासपोर्ट और वीजा भी खो गया, जिससे भारत लौटने की प्रक्रिया और कठिन हो गई। परिवार लगातार उन्हें वापस लाने का प्रयास कर रहा था।

बताया गया कि कुछ दिन पहले दुबई में रह रहे झारखंड के प्रवासी मजदूरों ने उनकी मदद करते हुए भोजन की व्यवस्था की और दस्तावेज तैयार कर भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कराई थी। इसी बीच अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

घटना की जानकारी मिलने पर प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकंदर अली ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि परिवार पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। लालचंद के पिता दशरथ महतो वर्ष 2013 से मुंबई से लापता हैं, जिसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी लालचंद पर थी।

सिकंदर अली ने राज्य और केंद्र सरकार से लालचंद महतो का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और मजबूरी में होने वाले पलायन को रोकने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।