विश्व थैलेसीमिया दिवस पर अनुराग फाउंडेशन का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, पीड़ित बच्चों के सहयोग का दिया संदेश

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जमशेदपुर : विश्व थैलेसीमिया दिवस 2026 के अवसर पर अनुराग फाउंडेशन द्वारा शुक्रवार को दयानंद पब्लिक स्कूल में जागरूकता एवं सामुदायिक समर्थन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “हिडन नो मोर – फाइंडिंग द अनडायग्नोज्ड, सपोर्टिंग द अनसीन” रखी गई थी। संस्था वर्ष 2002 से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के कल्याण और सहायता के लिए लगातार कार्य कर रही है।

कार्यक्रम का उद्देश्य थैलेसीमिया के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना, अनपहचाने मामलों की पहचान करना तथा प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों को सहयोग प्रदान करना था। कार्यक्रम में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे, उनके अभिभावक, चिकित्सक, रक्तदाता एवं समाजसेवी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत फाउंडेशन की अध्यक्ष विजयलक्ष्मी दास के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है और इसके उन्मूलन के लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने संस्था को मिल रहे सहयोग के लिए सभी अतिथियों एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर टीएमएच की जीएम डॉ. विनीता सिंह, ब्रह्मानंद हॉस्पिटल के एमडी डॉ. अरविंद आर्या, टाटा स्टील यूआईएसएल के एमडी अतुल भटनागर, जेकैपल के एमडी कपिल मोदी तथा जेमिपोल की एमडी स्वास्तिका बसु सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। वहीं फाउंडेशन के संरक्षक डॉ. एन. के. दास और डॉ. मंदार शाह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन की वर्ष 2026 की गतिविधियों और सामाजिक कार्यों की प्रस्तुति दी गई। शाम का मुख्य आकर्षण स्टेप स्कूल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत डांस ड्रामा “अनकही दास्तान – हर कहानी को मिले पहचान, हर जीवन को मिले सम्मान” रहा। इस प्रस्तुति में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के संघर्ष को भावनात्मक तरीके से दर्शाया गया, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।

डांस ड्रामा की संकल्पना फाउंडेशन की संयुक्त सचिव सुकन्या दास द्वारा तैयार की गई थी। प्रस्तुति के माध्यम से समाज में संवेदनशीलता और जागरूकता का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर बेहराम डी. बोधनवाला को उनके वर्षों के निस्वार्थ योगदान के लिए “लाइफटाइम अचीवमेंट ऑनर” से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में अनुराग फाउंडेशन ने समाज से थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा पीड़ित बच्चों के सहयोग के लिए आगे आने की अपील की।