बिहार की बेटियों को गायब करने वाला खतरनाक 3-स्तरीय तस्करी सिंडिकेट का खुलासा, दहशत में परिवार

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पटना : बिहार में बेटियों की गुमशुदगी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में एक संगठित 3-स्तरीय मानव तस्करी नेटवर्क सक्रिय है, जो गांवों से लड़कियों को बहला-फुसलाकर या धोखे से गायब कर बड़े शहरों तक पहुंचाता है। इस नेटवर्क में स्थानीय एजेंट, ट्रांजिट गैंग और खरीद-बिक्री करने वाला अंतिम गिरोह शामिल है, जो मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देता है।

जानकारी के मुताबिक, इस नेटवर्क का पहला स्तर गांवों में सक्रिय होता है, जहां स्थानीय एजेंट लड़कियों को नौकरी, प्यार या शादी का लालच देकर फंसाते हैं। दूसरे स्तर पर उन्हें बस या ट्रेन के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है, जबकि तीसरे स्तर पर बड़े शहरों में उन्हें कैद कर जबरन शादी, बंधुआ मजदूरी या शोषण जैसे हालात में धकेल दिया जाता है। पिछले वर्षों में हजारों लड़कियों के लापता होने और कई रेस्क्यू ऑपरेशनों ने इस नेटवर्क की गंभीरता को और उजागर किया है।

राज्य में हर साल हजारों बच्चों की गुमशुदगी दर्ज की जाती है, जिनमें बड़ी संख्या नाबालिग लड़कियों की होती है। कई मामलों में पुलिस और सामाजिक संगठनों ने समय रहते रेस्क्यू कर पीड़ितों को बचाया भी है, लेकिन यह नेटवर्क लगातार नए तरीकों से सक्रिय बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मामलों पर निगरानी और कार्रवाई तेज की जा रही है।